फ़ॉलोअर

शुक्रवार, सितंबर 25, 2026

मिलने आऊँगा 

ठीक वैसे 

जैसे

 सुबह गुन - गुन पक्षी आया करती है। 

जैसे सुबह खिड़की खुलने पर धूप आया करती है ।

 ठीक वैसे जैसे 

हल्की ठंडी हवा

 मुझे एहसास दिलाती है

 तुम्हारे होने का ।

ठीक वैसे जैसे 

पेड़ से कोई पत्ता 

चुपके से जमीन पर आ गिरती है।

कोई टिप्पणी नहीं: